लखनऊ। डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अन्याय के खिलाफ मुखर रहने वाले न्यूज़ पोर्टल Media4samachar की धारदार रिपोर्टिंग का एक बार फिर बड़ा असर हुआ है। न्यूज़ चैनल APN (एशियन न्यूज़ चैनल) में कर्मचारियों के बकाया वेतन को लेकर चल रहे विवाद में अब श्रम विभाग ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। Media4samachar द्वारा इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने और कर्मचारियों के पक्ष में लगातार खड़े रहने के बाद, आखिरकार प्रशासन ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ अपना चाबुक चला दिया है।
बुधवार को राजधानी नोएडा स्थित श्रम विभाग के कार्यालय में हुई सुनवाई के दौरान सहायक श्रम आयुक्त (ALC) सुयश पाण्डेय के कड़े तेवरों ने कंपनी प्रतिनिधियों की बोलती बंद कर दी।
Media4samachar का साथ: न्याय की उम्मीद बनी तीन महिला एंकर
मीडिया जगत में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाली तीन महिला एंकरों— नेहा शर्मा दुबे, नलिनी सिंह पालीवाल और वक्ता दुबे — के बकाया वेतन और एरियर का मुद्दा Media4samachar ने लगातार सुर्खियों में रखा। हमारी निष्पक्ष पत्रकारिता ने न केवल कंपनी के भीतर चल रहे कथित आर्थिक शोषण को उजागर किया, बल्कि शासन-प्रशासन को भी इस मामले में हस्तक्षेप करने के लिए मजबूर किया।
लेबर कोर्ट में हाई-वोल्टेज ड्रामा: ALC ने लगाई फटकार
श्रम विभाग की सख्ती के कारण बुधवार को APN न्यूज़ चैनल के अधिवक्ता कोर्ट में पेश हुए। सुनवाई के दौरान सहायक श्रम आयुक्त सुयश पाण्डेय ने स्पष्ट रूप से कहा कि कर्मचारियों की मेहनत की कमाई को रोकना एक गंभीर अपराध है।
सुनवाई के मुख्य बिंदु:
- तत्काल भुगतान का आदेश: ALC ने कंपनी प्रतिनिधियों से दो टूक कहा कि वे नेहा शर्मा दुबे, नलिनी सिंह पालीवाल और वक्ता दुबे सहित अन्य प्रभावित कर्मचारियों का पूरा बकाया तत्काल जारी करें।
- कंपनी ने मांगी मोहलत: विभाग के सख्त रुख से घबराए कंपनी के अधिवक्ता ने जवाब दाखिल करने और भुगतान की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए एक हफ्ते का अतिरिक्त समय मांगा।
- 9 मार्च की अंतिम ‘डेडलाइन’: कोर्ट ने कंपनी के अनुरोध को स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई के लिए 9 मार्च की तारीख तय कर दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कंपनी के पास भुगतान करने का आखिरी मौका है।
कठोर कार्रवाई की चेतावनी
ALC सुयश पाण्डेय ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 9 मार्च तक वेतन भुगतान का कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तो विभाग कंपनी के खिलाफ रिकवरी सर्टिफिकेट (RC) जारी करेगा। इसके बाद प्रशासन को दंडात्मक विधिक कार्रवाई करने का अधिकार होगा। उन्होंने साफ किया कि श्रम कानूनों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के लिए अब यूपी में कोई जगह नहीं है।
Media4samachar की प्रतिबद्धता: लड़ाई जारी है
Media4samachar के संस्थापक और संपादक के रूप में हमारी प्रतिबद्धता हमेशा अपने पत्रकार साथियों के साथ है। हम केवल खबर नहीं दिखाते, बल्कि खबर के अंजाम तक पहुँचने तक पीड़ित का साथ देते हैं।
नजरें 9 मार्च पर टिकी हैं। क्या APN प्रबंधन अपनी साख बचाते हुए भुगतान करेगा या फिर उसे प्रशासन की सबसे बड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा ?
Media4samachar इस मामले की हर छोटी-बड़ी अपडेट आप तक निष्पक्षता से पहुँचाता रहेगा।






Users Today : 0
Users Yesterday : 1