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लखनऊ: UPSIDA अधिकारी की नाक के नीचे पनप रहा अवैध प्लॉटिंग का साम्राज्य, क्या योगी सरकार के जीरो टॉलरेंस को चुनौती दे रहे हैं बृजेश कश्यप ?

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लखनऊ, उत्तर प्रदेश
राजधानी लखनऊ के सरोजिनी नगर क्षेत्र में भू-माफियाओं और अधिकारियों के कथित गठजोड़ ने सरकार के ‘भ्रष्टाचार मुक्त’ दावों पर सवालिया निशान लगा दिया है। ताज़ा मामला उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDA, पूर्व में लीडा) के कार्यक्षेत्र से सामने आया है, जहाँ वरिष्ठ परियोजना अधिकारी बृजेश कश्यप की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लग रहे हैं।

जैतीखेड़ा बना अवैध प्लॉटिंग का गढ़

स्थानीय सूत्रों और शिकायतों के अनुसार, सरोजिनी नगर के जैतीखेड़ा गाँव समेत UPSIDA के दायरे में आने वाले दर्जनों गाँवों में अवैध प्लॉटिंग का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। आरोप है कि वरिष्ठ परियोजना अधिकारी बृजेश कश्यप न केवल इन अवैध गतिविधियों को मौन समर्थन दे रहे हैं, बल्कि नियमों की अनदेखी कर इन्हें फलने-फूलने का मौका दे रहे हैं।

LDA की कार्रवाई बनाम UPSIDA की खामोशी

जहाँ एक ओर लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) शहर के अन्य हिस्सों में अवैध निर्माणों और अवैध कॉलोनियों पर ‘बुलडोजर’ एक्शन लेकर सख्त संदेश दे रहा है, वहीं UPSIDA के क्षेत्र में स्थिति इसके उलट है।

कागजी खानापूर्ति: आरोप है कि शिकायतें होने पर अधिकारी कोरम पूरा करने के लिए केवल नोटिस जारी कर देते हैं।
​धरातल पर शून्य कार्रवाई: नोटिस के बाद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, जिससे भू-माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।
​नियमों की मनमानी व्याख्या: जहाँ एक ओर अप्रूव्ड और वैध प्रोजेक्ट्स को तकनीकी बाधाओं में उलझाकर परेशान किया जा रहा है, वहीं बिना किसी नक्शे या अनुमति के हो रही प्लॉटिंग पर आँखें मूंद ली गई हैं।

किसका संरक्षण है अधिकारी को?

अश्विनी कुमार श्रीवास्तव सहित कई शिकायतकर्ताओं ने इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाया है। सवाल यह उठ रहा है कि तमाम शिकायतों के बावजूद बृजेश कश्यप पर कोई आंच क्यों नहीं आ रही? योगी सरकार की सख्ती के बावजूद एक अधिकारी द्वारा नियमों की धज्जियाँ उड़ाना प्रशासनिक ढांचे में गहरी पैठ और उच्च स्तरीय संरक्षण की ओर इशारा करता है।
शिकायत का दौर जारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए अब इसे विभिन्न मंचों पर उठाने की तैयारी कर ली गई है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वे इस “अवैध साम्राज्य” और अधिकारी की मनमानी के खिलाफ मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर लोकायुक्त तक साक्ष्यों के साथ शिकायत दर्ज कराएंगे।
​संपादकीय टिप्पणी: “जब रक्षक ही भक्षक बन जाए, तो जनता का विश्वास प्रशासन से उठने लगता है। जैतीखेड़ा की ज़मीन पर कट रहे अवैध प्लॉट भविष्य में हजारों परिवारों के लिए मुसीबत बन सकते हैं।”

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Author: media4samachar

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